VedicGurukul

गुरुकुल ?

गुरुकुल (संस्कृत: गुरुकुल, Gurukula) प्राचीन भारत की एक शिक्षा प्रणाली थी, जिसमें **शिष्य** (अर्थात् ‘विद्यार्थी’ या ‘शिष्यगण’) अपने **गुरुजी** के पास या उनके साथ एक ही घर में निश्चित अवधि तक रहते थे। इसी दौरान वे अपने गुरु से शिक्षा प्राप्त करते और जीवनोपयोगी ज्ञान अर्जित करते थे।

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Workshops & Retreats

Educational outreach

Research and publication

 

 गुरु द्वारा शिक्षा – गुरु शिष्यों को ताड़पत्र पर लिखे ग्रंथ से ज्ञान दे रहे हैं, शिष्य ध्यानपूर्वक अध्ययन कर रहे हैं।

वाद-विवाद (Debate) – विद्यार्थी आपस में शास्त्रार्थ कर रहे हैं और गुरु मार्गदर्शन कर रहे हैं।

खेल-कूद (Sports) – छात्र कबड्डी जैसे प्राचीन खेल खेल रहे हैं, ऊर्जा और उत्साह से भरे हुए।

विभिन्न विषय – गुरुकुल में ज्योतिष, वेद, गणित, संगीत, धनुर्विद्या और चिकित्सा जैसे विषय पढ़ाए जा रहे हैं।

योग व ध्यान – गुरु और शिष्य पद्मासन में बैठकर शांति से ध्यान कर रहे हैं।

गो-सेवा (Gaushala) – छात्र गाय-बछड़े की सेवा कर रहे हैं और गुरु गौशाला में उपस्थित हैं।

षड्दर्शन समन्वय डॉ. प्रशान्त आचार्य मूलतः वैज्ञानिक शोधकर्त्ता हैं। आधुनिक भौतिक विज्ञान के स्नातक हैं। अतः आपकी लेखनी से भारतीय छः दर्शनोंन्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग पूर्व मीमांसाउत्तरमीमांसा के विषय में जो कुछ निःसृत होगा, अवश्य ही तर्कप्रमाणों से पुष्ट होगा । लेखक स्वामी दयानन्द के मन्तव्यों से प्रभावित है। ग्रन्थ उपादेय एवं संग्रहणीय है। डॉ. विजयपाल विद्यावारिधि, आचार्य, पाणिनी महाविद्यालय, रेवली, सोनीपत (हरियाणा) प्रस्तुत षड्दर्शन समन्वय के ग्रन्थकार ने छः दर्शनों के अध्ययन का एक नया क्रम निर्दिष्ट किया है और उस क्रम को यथार्थ सिद्ध करने के लिये जो तर्क दिये हैं वे प्रशंसनीय हैं। प्रायः न्याय वैशेषिक, सांख्ययोग, पूर्वमीमांसा और वेदान्त यही क्रम अद्यावधि स्वीकृत किया जाता रहा है । किन्तु ग्रन्थकार ने सूत्रक्रम में सर्वप्रथम पूर्वमीमांसा को रखा है, फिर वैशेषिक को और उसके पश्चात् न्याय सूत्र का क्रम आता है। न्याय के पश्चात् योग, फिर सांख्य और अन्त में वेदान्त का स्थान आता है। इस क्रम के पीछे ग्रन्थकार ने जो हेतु दिये हैं, उनको सम्यक् परिप्रेक्ष्य में लिया जाना चाहिये । डॉ. विजयपाल शास्त्री, प्रोफेसर दर्शन विभाग, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय

DR. PRASHANT ACHARYA

षड् दर्शन समन्वय: एक नवीन वैज्ञानिक दृष्टि। COHERENCE AMONG SIX SCHOOLS OF INDIAN PHILOSOPHY