VedicGurukul

कि यह शिक्षा आपको सर्वांगीण विकास कराएगी। ये केवल कर्मकांड की शिक्षा नहीं है। हमारी जो शिक्षा केवल कर्मकांड की नहीं, केवल धार्मिक शिक्षा नहीं है, केवल जीवन के एक एक्सपेक्ट को लेकर के चलने वाली शिक्षा नहीं है, जीवन के हर आयाम को छूने वाली शिक्षा है। हमारे यहाँ पर गुरुकुल में 64 विद्याओं की बात होती थी। 64। विद्या एक विद्या की बात नहीं है और 15कलाओं से युक्त तो जिनको अवतार पुरुष कहते हैं वो भी युक्त होते थे, तो उन्हीं उन्हीं विद्याओं से जब आप जुड़ेंगे न, केवल आपको अपने लिए लाभ होगा। मने केवल न केवल आप जीवन जीना सीखेंगे, न केवल आपको अपने शरीर के बारे में स्वास्थ्य के बारे में पता चलेगा अपितु समाज के लिए भी आपके मन में अच्छा भाव आएगा।ये तो केवल उस विद्या को ग्रहण करने से आपके जो ह्यूमन जो मानवीय संवेदनाएं हैं, वो विकसित होंगी। आज हम मनुष्य के रूप में विकसित नहीं है। आज हमारी जो संस्कृत है, दूसरे के ऊपर निर्भर कर दिए, उसको चूस रहे हैं, बड़ा छोटे वाले को ट्रैप कर रहा है। किस प्रकार से छल कपट के अंदर उसको खाना पीना कर रहा है?

तो ना वो इस तरह की सारी स्थितियां हैं, परंतु जब हम अपनी शिक्षा की बात करते सबसे पहले वो मानव बनाना सिखाते हैं, संवेदनशील मानव बनाना सिखाते हैं।