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वेदों में गायत्री मन्त्र की महिमा | गायत्री छंद क्या है ?

यह पूरा भाषण सामवेद के ग्यारहवें मंत्र की गूढ़ व्याख्या है जिसमें वक्ता सबसे पहले ऋषि परंपरा और स्वामी दयानंद जी की चर्चा करते हैं कि वेदों की व्याख्या केवल बौद्धिक नहीं बल्कि समाधि की स्थिति में संभव है क्योंकि वहीं परमात्मा का सान्निध्य प्राप्त होता है और वहीं से मंत्र का वास्तविक भाव प्रकट […]

वृक्ष और तुम : Hindi poem : हिन्दी कविता

इस कविता में वृक्ष के माध्यम से मनुष्य जीवन की तुलना करते हुए प्रेरणा दी गई है कि आंधी में भी अड़े रहो, पुष्पित और फलते रहो, जड़ों से जुड़े रहो, शाखाओं में विस्तार हो, वनलता बनकर लिपटे रहो, समर्पण में सिमटे रहो, दृढ़ और लचीला बनकर अस्तित्व बनाए रखो, फलवान और झुकते रहो, खग […]

वास्तविक विद्या क्या है ?

प्रवचन में बताया गया कि कुछ वेद मंत्रों में योग विषय विशेष रूप से आया है और ऋषि दयानंद के अनुसार वेद सभी सत्य विद्याओं की पुस्तक हैं, स्वामी जी ने जब ऋग्वेद आदि भाष्यभूमि लिखा तो उसमें उस समय की सभी विद्या प्रदर्शित की गई, जिसमें योग विद्या भी शामिल है, योग विद्या संसार […]

भारत को विश्वगुरु कब तक बना सकते है ?

आज वक्ता और दर्शक एक गुरु के पास आए हैं और पहले उन्होंने बताया कि आचार्य जी का सत्यसनातन परिवार से पुराना संबंध है, लेकिन वे पहली बार इस प्रकार के पोडकास्ट के माध्यम से अपनी बात रखने आए हैं, आचार्य जी का स्वागत किया गया, वे अलवर से हैं और वहां अपना गुरुकुल चलाते […]

भगवान श्रीराम की दिनचर्या।॥

वक्ता पूछते हैं कि क्या हम भगवान राम जैसे बन सकते हैं और आचार्य जी स्पष्ट करते हैं कि भगवान राम हमारे भीतर भी छिपे हुए हैं, हमें अपने भीतर राम को जागृत करना है और यह जागृति बच्चों में विशेष रूप से प्रेरणा उत्पन्न करती है, क्योंकि प्रत्येक ग्राम, प्रत्येक बालक में राम का […]

परमात्मा का स्वरूप क्या है? | कौन हैं पूर्ण परमात्मा ?

वक्ता पूछते हैं कि वेद में परमात्मा का स्वरूप कैसा बताया गया है और सामान्य लोग परमात्मा को किस प्रकार देखते हैं, आचार्य जी बताते हैं कि जो चीज़ हम ने स्वयं अनुभव नहीं की होती, उसके बारे में केवल सुनकर ही जान सकते हैं और सबसे प्राचीन स्रोत जो हमें उपलब्ध है, वह वेद […]

धैर्य की परिभाषा क्या है ?

वक्ता पूछते हैं कि जीवन में धैर्य कैसे रखना चाहिए और यह कैसे उत्पन्न होता है, जिस पर आचार्य जी बताते हैं कि किसी भी गुण या सद्गुण को अपने जीवन में धारण करने के लिए सबसे पहले यह समझना आवश्यक है कि वह गुण क्या है और उसे अपनाने का लाभ क्या है, जिससे […]

धर्म क्या है ? सनातन धर्म के लक्षण क्या है

वक्ता पूछते हैं कि वर्तमान में कुछ राजनीतिक दावों के माध्यम से सनातन धर्म को समाप्त करने की बात की जा रही है और यह पूछा गया कि क्या एक दिन गुरुकुल में चल रही सनातनी व्यवस्थाएँ भी समाप्त हो जाएँगी, जिस पर आचार्य जी बताते हैं कि सनातन और धर्म एक दूसरे के पर्यायवाची […]

दर्शन में विज्ञान क्या है ? | दर्शन क्या है ?

वक्ता बताते हैं कि क्षण दर्शन समन्वयक की नई पुस्तक का संस्करण तैयार किया जा रहा है और इसका पहला संस्करण काफी प्रसारित और पढ़ा गया है जिसमें दर्शनों के क्रम और उनके अध्ययन के क्रम का विस्तार से उल्लेख है तथा यह बताया गया कि वैश्विक और न्याय जैसे दर्शन से पहले और बाद […]

जीवन में एक शास्त्र उपयोगी है या सभी | वेद पढ़ें या गीता ?

वक्ता बताते हैं कि कुछ अच्छे सूत्रों से भी काम चल सकता है लेकिन कई ग्रंथों का अध्ययन भी आवश्यक है क्योंकि जीवात्मा का विकास बहुआयामी होता है और अनेक विद्याओं के अध्ययन से उसका आनंद बढ़ता है और प्रत्येक विद्या दिव्य है तथा उसके अध्ययन से आत्मा को लाभ होता है। प्रत्येक विषय का […]